Shiv Puran in Hindi | Kahani |  Katha |  Aradhana | bholenath ki story @ www.anmolvachan.net

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भोलेनाथ शिव जी की कहानी का विवरण:-

यह बात सत्य है की हमारे प्रिय भगवान शिव का जन्म नहीं हुआ है वे अद्भुद है । लेकिन कही पुराणों वे कथा में उनकी उत्पत्ति का विवरण मिलता है। विष्णु पुराण के अनुसार ब्रह्मा जी भगवान विष्णु की नाभि कमल चक्र से पैदा हुए थे। जबकि शिव भगवान विष्णु जी के मस्तक के तेज से हुए थे। आज भी कई विष्णु कथामें इस बात का जीकर है विष्णु जी के तेज से उत्पन्न होने के कारण ही शिव हमेशा योगमुद्रा में रहते हैं।
हलाकि पुराणों के हिसाब से शिव जी को सर्वश्रेठ माना जाता है

सोमवार व्रत किस तरीके से पूर्ण होता है:-

पुराने ग्रंथो के हिसाब से मानुष को प्रातः स्नान करके शिव पिण्डी पर जल वे बेल पत्र चढ़ाना चाहिए साथ ही माता पारवती और शिव जी की सच्चे मन से आराधना करनी चाहिए। उसी के उपरांत शिव आरती करनी चाहिए साथ ही अपने को शिव की महिमा में रखना होता है। ये व्रत सिर्फ तीन पहर थक होता है इसमें रात्रि के समय एक टाइम भोजन करना अनिवार्य होता है ऐसे ही आज कलयुग में भी लोग अपनी भावना को पूर्ण करने के लिए शिव का मंतर अपने मन में गुनगुनाते है।

सोमवार व्रत की कथा:-

शिव पारवती की महिमा-एक पत्नी और पति शिव भक्त हुआ करते थे दोनों ही समय का पालन करते हुए भोलेनाथ और पारवती जी की पूजा अर्चना करते थे। लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी उसमे से पति की लालसा थी की अपना भी कोई पुत्र हो तो अपना बुढ़ापा भी अच्छा हो जाये। बहुत वर्ष बीत गए लेकिन उनकी कोई संतान नहीं हुई, फिर एक दिन पारवती माता भोलेनाथ से उनकी पूजा अर्चना की बात कर रही थी। हे प्रभु इनकी भी पुकार सुन लो इनको भी एक पुत्र प्राप्ति का वरदान दे दो, उसी समय शिव जी बोले देवी मनुष्य के भाग में जो करम लिखे है वो उसी का भोग पाता है उसी के उपरांत माता पारवती उन भक्तो से पर्सन होकर भोलेनाथ से उनके लिए पुत्र प्राप्ति का वरदान देने को बोलती है, परन्तु शिव जी उनके पुत्र की आयु केवल १२ वर्ष ही पूर्ण करते है, जिससे वह बहुत ही परेशान हो जाते है, हे प्रभु ये कैसे महिमा दिखाई आपने भोलेनाथ परन्तु फिर भी वो दोनों अपनी भक्ति नहीं छोड़ते उनकी शिव भक्ति से पर्सन होकर भोलेनाथ उन्हें वरदान देते है की तुम्हारे पुत्र की आयु बड़ा दी है और उसे कुश रहने का और अच्छा मनुष्य बनने का वरदान देते है मैंने तेरे सोमवार के व्रत करने और व्रतकथा सुनने से प्रसन्न होकर तेरे पुत्र को लम्बी आयु प्रदान की है. इसी प्रकार जो कोई भी सोमवार व्रत करता है या कथा याचना करता है उसके सभी दुख दूर होते हैं और जीवन में सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

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